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Showing posts from July, 2009

Levi strauss........?????

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AN ORIGINAL COMPANY FOR MORE THAN 150 YEARS.

Founded in 1853 by Bavarian immigrant Levi Strauss, Levi Strauss & Co. is one of the world's largest brand-name apparel marketers with sales in more than 110 countries. There is no other company with a comparable global presence in the jeans and casual pants markets. Their market-leading apparel products are sold under the Levi's®, Dockers® and Levi Strauss Signature® brands.

Levi Strauss & Co. is privately held by descendants of the family of Levi Strauss. Shares of company stock are not publicly traded. Shares of Levi Strauss Japan K.K., their Japanese affiliate, are publicly traded in Japan.

They employ a staff of approximately 10,000 worldwide and have a considerable Indian presence.

कुछ भूले बिछडे कामिक हीरो

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कछुआ और खरगोश

एक था कछुआ, एक था खरगोश . दोनों ने आपस में दौड़ की शर्त लगाईं . कोई कछुवे से पूछे की तूने क्यों शर्त लगाईं ? क्या सोच के लगाईं ? दुनिया में मूर्खो की कमी नहीं-- बाहरनिकलो हजारो मिलते है . तय ये हुआ की दोनों में से जो नीम के टीले तक पहले पहुंचे , वह विजेता समझा जाय . उसे अधिकार है की हारने वाले के कान काट दे .

दौड़ शुरू हुई . खरगोश तो यह जा वह जा ! पलक झपकते में खासी दूर निकल गया . मियां कछुआ शान से चलते हुए मंजिल की तरफ चले. थोडी दूर पहुंचे तोह सोचा की बहुत दूर चल लिए . अब आराम भी करना चाहिए . एक दरख्त के नीचे बैठ कर अपने शानदार अतीत की यादो में खो गए, जब इस दुनिया में कछुवे राज किया करते थे . विज्ञान और कला में भी उनका बड़ा नाम था . यु ही सोचते सोचते आँख लग गयी. क्या देखते है की स्वयं तो तख्ते शाही पे बैठे हुवे है . बाकी निम्न कोटि के जीव -- शेर, चीते, खरगोश, आदमी वगैरह हाथ बांधे खड़े है या फर्शी सलाम कर रहे है . आँख खुली तोह अभी सुस्ती बाकी थी . बोले - " अभी क्या जल्दी है ? इस खरगोश के बच्चे की क्या हैसियत ? मै भी कितनी महान विरासत का मालिक हु . वाह भाई वाह ! मेरे क्या कहने ...…

या अल्लाह !!

" या अल्लाह !! ,
खाने को रोटी दे !
पहनने को कपडा दे !
रहने को मकान दे !
इज्ज़त और सुख की ज़िन्दगी दे !!"

" मियां ! ये भी कोई मांगने की चीज़ है ?
कुछ और माँगा करो ."

"बाबाजी !! आप क्या मांगते है ?"

मै ? ----
मै ये चीजे नहीं मांगता,
मै तो कहता हु,
अल्लाह मियां -- मुझे ईमान दे,
अच्चे काम का नाम दे,

" बाबाजी !! आप ठीक दुआ मांगते है"
इंसान वही चीजे तो मांगता है
जो उसके पास नहीं होती!! "
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Ernesto "Che" Guevara (June 14,[1] 1928 – October 9, 1967), commonly known as Che Guevara, El Che, or simply Che, was an Argentine Marxist revolutionary, politician, author, physician, military theorist, and guerrilla leader. Since death, his stylized image has become a ubiquitous global symbol of counterculture.[4]

As a young medical student, Guevara traveled throughout Latin America and was transformed by the endemic poverty he witnessed.[5] His experiences and observations during these trips led him to conclude that the region's ingrained economic inequalities were an intrinsic result of monopoly capitalism, neocolonialism, and imperialism, with the only remedy being world revolution.[6] This belief prompted his involvement in Guatemala's social reforms under President Jacobo Arbenz Guzmán, whose eventual CIA-assisted overthrow solidified Guevara's radical ideology.

Later, in Mexico, he met Fidel Castro and joined his 26th of July Movement. In December 1956, he …