कौन बताये ? किससे पूछे ?

कौन बताये?

किससे पूछे?

सब तो है .....

इंसान कहा है ?

ऐसा क्यों है?

वैसा क्यों है?

ये सब कुछ है.

कैसा क्यों है?

आदमी कल के जैसा क्यों है?

अरे कौन बताये ?

किससे पूछे ?

सब तो है.

इंसान कहा है?

......

......

......

जले हुवे ये घर किसके है ?

कटे हुवे ये सर किसके है ?

ये मैजे और खंजर किसके है ?

ये खुनी मंज़र किसके है ?

अरे कौन बताये ?

किससे पूछे ?
सब तोह है.

इंसान कहा है ?

......

.....

.....

कौन बताये ?

किससे पूछे ?

सब तो है.

इंसान कहा है ?

धर्म कहा ?

ईमान कहा ?

खुदा कहा ?

भगवान् कहा ?

अरे सच पूछो तो

इंसान कहा ?

मेरा प्यारा हिंदुस्तान कहा है ?

--

Comments

Ruchika Arora said…
Very true! Insaan ban na bohot kathin hai,ya fir isi galatiyon ki sudharti dhara ko insaan kehte hain..
nice work! i would have liked it a little more in length!..

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